Wednesday, 9 March 2016

pitra devi aur devta

                                                                     पितृ देवी और देवता

सामान्य धारणा यह है कि जिनकी मृत्युहो जाती है वह पितर बन जाते हैं। लेकिन गरूड़ पुराण से यह जानकारी मिलती है कि मृत्यु के पश्चात मृतक व्यक्ति की आत्मा प्रेत रूप में यमलोक की यात्रा शुरूकरती है। सफर के दौरान संतान द्वारा प्रदान किये गये पिण्डों से प्रेत आत्मा को बल मिलता है। यमलोक में पहुंचने पर प्रेत आत्मा को अपने कर्म के अनुसार प्रेतयोनी में ही रहना पड़ता है अथवा अन्ययोनी प्राप्तहोती है।
पितृ देवी और देवता हम्हारे पूर्वजो की पूजनीयआत्माए होती है जो हम्हारे....................................

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