Saturday, 9 August 2014

Rakshabandan ka muhurta 2014


रक्षाबन्धन एक हिन्दू त्यौहार है जो प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। रक्षाबन्धन

 में राखी या रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्व है। राखी कच्चे सूत जैसे सस्ती वस्तु से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी 

 धागे, तथा सोने या चाँदी जैसी मँहगी वस्तु तक की हो सकती है। राखी सामान्यतः बहनें भाई को ही बाँधती हैं 

परन्तु ब्राह्मणों, गुरुओं और परिवार में छोटी लड़कियों द्वारा सम्मानित सम्बन्धियों (जैसे पुत्री द्वारा पिता को) भी 

बाँधी जाती है।

रक्षाबन्धन का मुहूर्त 2014



श्रावण पूर्णिमा रविवार को दोपहर १: २० तक भद्रा है. इसके बाद पूरे दिन 

रक्षा बांधने का मुहूर्त है.

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Wednesday, 11 June 2014

dhan lakshmi shankh dakshinavarti shankh


                                                 धन लक्ष्मी शंख दक्षिणावर्ती  शंख


                      यह शंख समुद्र मे पैदा होता है. जहाँ से लक्ष्मी का प्रादुर्भाव हुआ. यह शंख भगवती लक्ष्मी का लघु भ्राता कहलाता है.यह शंख लक्ष्मी का ही दूसरा स्वरूप है और प्रत्येक गृहस्थ को अपने घर मे इस शंख को रखना चाहिए . संसार मे जितने शंख पाए जाते हैं वे बाईं तरफ से खुलने वेल होते हैं , परंतु जो शंख दाहिनी ऑर खुलते हैं उस शंख को दक्षिणावर्ती शंख कहा जाता हा.
                       छोटा दक्षिणावर्ती शंख प्रयोग मे नही लाना चाहिए ,क्यूंकी  वह उतना अधिक फलदायक और अचूक नही होता है. कम से कम जिस शंख मे आधा ...............

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Friday, 23 May 2014

shadi me deri ka upay

                                                                गौरीशंकर रुद्राक्ष

जब विवाह मे अत्यधिक विलंब हो रहा हो, विवाह हो गया हो और जीवन साथी से सामंजस्य नही बन रहा हो , तलाक़ की अर्थात दांपत्य जीवन तार तार होने की नौबत आ गयी हो और इन समस्याओं से छुटकारा पाने के विभिन्न उपाय भी नाकाफ़ी हो गये हो , तो गौरीशंकर रुद्राक्ष तत्काल सुफल प्रदान करता है. गौरीशंकर रुद्राक्ष को मुख्य रूप से विवाह मे आ रही बाधाओं के निवारण , शीघ्र विवाह और सफल दांपत्य जीवन के लिए धारण किया जाता है. गौरीशंकार रुद्राक्ष अद्भुत , अनोखा, दुर्लभ रुद्राक्ष माना जाता है. जब दो रुद्राक्ष प्राकृतिक रूप से आपस मे जुड़े हुए होते है, उस युगल रुद्राक्ष को शिव और शिवा का प्रतीक मानते हुए --------

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gauri shankar rudraksh

                                                           गौरीशंकर रुद्राक्ष

जब विवाह मे अत्यधिक विलंब हो रहा हो, विवाह हो गया हो और जीवन साथी से सामंजस्य नही बन रहा हो ,
तलाक़ की अर्थात दांपत्य जीवन तार तार होने की नौबत आ गयी हो और इन समस्याओं से छुटकारा पाने के विभिन्न उपाय भी नाकाफ़ी हो गये हो , तो गौरीशंकर रुद्राक्ष तत्काल सुफल प्रदान करता है. गौरीशंकर रुद्राक्ष को मुख्य रूप से विवाह मे आ रही बाधाओं के निवारण , शीघ्र विवाह और सफल दांपत्य जीवन के लिए धारण किया जाता है. गौरीशंकार रुद्राक्ष अद्भुत , अनोखा, दुर्लभ रुद्राक्ष माना जाता है. जब दो रुद्राक्ष प्राकृतिक रूप से आपस मे जुड़े हुए होते है, उस युगल रुद्राक्ष को शिव और शिवा का प्रतीक ------

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Thursday, 22 May 2014

vastu ke anusar bed room

वास्तु में शैया का विशेष महत्व बताया गया है, क्योंकि मनुष्य अपने जीवन का एक तिहाई भाग शयनकक्ष में ही बिताता है। योगशास्त्र में भी निद्रा की अवधि और अवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें जागृत, स्वप्न, सुषुप्ति व तुरीय चार अवस्थाएँ बताई गई हैं। 

वास्तुशास्त्र में शैया के लिए लकड़ी के स्पष्ट निर्देश हैं कि वृक्ष की आयु का परीक्षण करके ही उसका प्रयोग करना चाहिए। दक्षिण भारत के ग्रंथों में शैया के लिए चंदन का प्रयोग भी उचित ठहराया गया है। 

शैया की माप के बारे में विधान है कि शैया की लंबाई सोने वाले व्यक्ति की लंबाई से कुछ अधिक होना चाहिए। पलंग में लगा शीशा वास्तु की दृष्टि से दोष है, क्योंकि शयनकर्ता को शयन के समय अपना प्रतिबिम्ब नजर आना उसकी आयु क्षीण करने के अलावा दीर्घ रोग को जन्म देने वाला होता है।
एक आरामदायक शयन कक्ष के लिए जो तथ्य जरूरी हैं, वे हैं आरामदायक पलंग, आँखों को भाने वाली रोशनी और कमरे की सजावट। कमरे की सजावट के लिए कुछ महत्वपूर्ण तथ्य हैं-


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Monday, 31 March 2014

puja vidhi

                     पूजन विधि [संक्षिप्त] या पाँचोपचार पूजन विधि

पूजन का नाम आते ही लोग परेशान हो जाते है की सही ढंग से कैसे पूजन करें . किसी ना किसी पंडित को खोजने लगते है . नोकारी पेशा लोग कहते है की पूजन के लिए टाइम नही है. इसलिए आज आपको पूजन की शास्त्रोक्त विधि बताने जा रहा हूँ जिस से आप सही ढंग से दो मिनट मे पूजन कर सकते है .शास्त्रो मे इस पूजन को पँचोपचार पूजन कहते है.
इसकी विधि इस प्रकार है……………………………..
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Navratri vishesh

                                    नवरात्रि विशेष

31/03/2014  आज से नवरात्र प्रारंभ हो गया है. आज हिंदू नव वर्ष का प्रारंभ हो गया है . सभी हिंदू भाई बहनो को हिंदू नव वर्ष की शुभ कामनाए. हर जगह नवरात्रि से संबंधित पूजन सामग्री की दुकाने सज गयी है . लोग माता की पूजा के लिए प्रसाद और माता का चित्र , मूर्ति खरीद रहे हैं.  लेकिन हर  जाग माता चीते पर बैठी हुई है यही चित्र पूरे बाजार मे भरा पड़ा है . जो पूरी तरह से ग़लत है . आप ग़लत चित्र के आगे चाहे जितनी पूजा कर लो या सप्तशती का पाठ कर लो कुछ भी फल नही मिलने वाला है. कौन सा चित्र खरीदें इसके लिए बता रहा हूँ................
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Monday, 10 March 2014

parad shiv ling

 
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                                                          पारद शिव लिंग

पारद एक  विशिष्ट तरल रूपी धातु है और स्वयं सिद्ध पदार्थ है. मनुष्य  के सोलह संस्कार होते है लेकिन पारद के 18 संस्कार होते है. गोपनीय विधियो से कई संस्कार से पारद शिवलिंग का निर्माण किया जाता है. पारद शब्द की व्याख्या करे तो पा – विष्णु , आ – कालिका , द – ब्रह्मा के बीज अक्षर  है.
पारद की उत्पत्ति भोले नाथ शिव के वीर्य [ रस ] से हुई ...............................................

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Sunday, 9 March 2014

holi par dhan laabh ke prayog


                          होली पर धन लाभ के प्रयोग

होली की रात मे चंद्रमा उगने के बाद छत पर जाए. चंद्रमा को दीपक दिखाकर,धूपबत्ती,अगरबत्ती, सफेद प्रसाद और साबूदाने की खीर का भोग लगाये. और अपने घर मे सुख-संपत्ति,शान्ति,स्थायी आर्थिक संपन्नता का चंद्रदेव से अनुरोध करे थोड़े दिनो मे आपको अंतर महसूस होगा.

आपको यदि लगातार व्यवसाय मे हानि हो रही . तो होली जलने की शाम को अपने मुख्यद्वार चौखट पर दोमुखी आटे का दीपक बनाकर ............................

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Tuesday, 4 March 2014

DHAN DAYAK SARAL PRAYOG



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नित्य  प्रातः काल भगवती लक्ष्मी को लाल पुष्प अर्पित करके दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएँ. धन लाभ होगा.
- पीपल के एक पत्ते पर 'राम' लिखकर तथा उस पर कोई मिठाई रख कर हनुमान मंदिर मे चढ़ाए धन लाभ होगा.
- अचानक धन प्राप्ति के लिए . मनोकामना कहते हुए बरगद की जटा मे गाँठ लगा दें. जब धन लाभ हो जाए तो उसे खोल दें.
- प्रत्येक अमावस्या को पूरे घर की सफाई करके घर के मंदिर मे धूप दीप दिखाने से भी धन का आगमन् होता है.
- झाड़ू ऐसी जगह रखें कि किसी को दिखाई न दे. धन लाभ होगा.
-  यदि वाद-विवाद एवम दुर्घटना के कारण धन का अपव्यय हो तो चमकीले लाल वस्त्र, लाल मसूर का उपयोग न करें.

- प्रतिदिन श्री सूक्त का पाठ करें धन की कमी ही नही होगी.

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Saturday, 1 March 2014

Drawing room in vastu



                                        VASTU KE ANUSAR DRAWING ROOM
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VASTU KE ANUSAR DRAWING ROOM KI GHAR ME POSITION वास्तु शास्त्र में ड्राइंग रूम को लेकर कोई विशेष चर्चा नहीं है। कुछ नौसिखिये वास्तुशास्त्रयों ने वायव्य कोण में ड्राइंग रूम बनाने का प्रस्ताव किया है जो कि प्राचीन वास्तु शास्त्रों की भाव
ना के अनुरूप नहीं है। वराहमिहिर के अनुसार वायव्य कोण में धान्यागार अर्थात अन्न भण्डारण की व्यवस्था प्रस्तावित की गई थी और पश्चिम दिशा मघ्य से वायव्य कोण पर्यन्त रोदन कक्ष हुआ करता था। अन्न भण्डारण वायव्य कोण में होने का अर्थ उच्चाटन की प्रकृति होने के कारण अधिक अन्न का खर्च होना माना गया है। प्राचीन भारतीय वैदिक ऋषि यह मानते थे, जिस घर में अधिक अन्न खर्च होगा वह घर अधिक मेहमान आने के कारण शीघ्र उन्नति को होगा। अर्थात जिस घर में वर्ष में 2 बोरी गेहूं खर्च होता है, वायव्य में भण्डारण के कारण 3 बोरी खर्च हो जाएगा। आधुनिक महिलाएं...................................................

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sapne

  सपने सच होते हैं---- स्वप्न ज्योतिष के अनुसार नींद में दिखाई देने वाले हर सपने का एक ख़ास संकेत होता है, एक ख़ास फल होता है। यहाँ हम आपको 25...