Tuesday, 15 March 2016

rahu ka upay

                                                                      राहु कl शुभ फल


राहु कl शुभ फल पाने के लिए किसी पवित्र बहती हुई नदी में समय-समय पर एक-एक नारियल प्रवाहित करें। नारियल प्रवाहित करने से पहले अपने नाम और गौत्र का उच्चारण करना चाहिए। इसके बाद अपने इष्टदेव से प्रार्थना करें कि आपकी परेशानियां दूर करें और नारियल नदी में बहा दें। इसके बाद पीछे पलटकर ना देखें और अपने घर लौट आएं।,,,,,,......
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Friday, 11 March 2016

vastu love , colour & sex

                                                         वास्तु विज्ञान लव लाइफ

भारतीय वास्तु विज्ञान के पास आपकी लव लाइफ की समस्याओं को हल करने हेतु बहुत से तरीके हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपनी लाइफ को बेहद सुन्दर बना सकते हैं। वास्तु का प्रयोग लव लाइफ के एक-एक पहलू को बेहतर बनाने के अलावा सम्पूर्णतावादी दृष्टि से भी किया जाता है।
खासकर लव लाइफ में जहां दो अलग प्रकृति के लोग आपस में मिलते हैं, जिनकी मानसिकता व जरूरतें अलग होती है, उनके बीच जब समस्याएं आती हैं तो उन्हें रोक पाना बहुत कठिन हो जाता है।
वास्तु विज्ञान का मानना है कि ये दोनों ही ऊर्जा हमारी लाइफ पर अपना असर डालती हैं। किसी पिछले झगड़े को याद न करें। वर्तमान में रहें। घर के रोमांटिक क्षेत्र को नए-नए तरीके से सजाते रहें। यादगार लम्हों के फोटो एलबम अवश्य तैयार करें और संजों कर रखें। हर मनुष्य अपने जीवन में प्रसन्न रहना चाहता है परंतु जीवन में मात्र प्रसन्नता ही मिलें ऐसा आवश्यक नहीं है कभी-कभी कुछ समस्याएं भी आती हैं। इसके बावजूद भी अगर अगर आप अपने संबंध में रोमांटिक आकर्षण की कमी महसूस कर रहे हैं तो यहां कुछ महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स दिए जा रहे हैं जिनकी मदद से आप फिर से तरोताजा हो सकते हैं।
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बेडरूम में ईश्वर की तस्वीर या आस्था की प्रतीक अन्य वस्तुओं को न सजाएं। याद रखें, बेडरूम का संबंध भावनाओं के उदात्तीकरण से नहीं होनी चाहिए, बल्कि भावनाओं के उत्थान से होनी चाहिए।
कमरे में वस्तुओं का बिखराव सबसे घातक है। वस्तुओं के बिखराव से ........
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Wednesday, 9 March 2016

pitra devi aur devta

                                                                     पितृ देवी और देवता

सामान्य धारणा यह है कि जिनकी मृत्युहो जाती है वह पितर बन जाते हैं। लेकिन गरूड़ पुराण से यह जानकारी मिलती है कि मृत्यु के पश्चात मृतक व्यक्ति की आत्मा प्रेत रूप में यमलोक की यात्रा शुरूकरती है। सफर के दौरान संतान द्वारा प्रदान किये गये पिण्डों से प्रेत आत्मा को बल मिलता है। यमलोक में पहुंचने पर प्रेत आत्मा को अपने कर्म के अनुसार प्रेतयोनी में ही रहना पड़ता है अथवा अन्ययोनी प्राप्तहोती है।
पितृ देवी और देवता हम्हारे पूर्वजो की पूजनीयआत्माए होती है जो हम्हारे....................................

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Tuesday, 8 March 2016

shubh muhurt

                                                                                मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त
विद्वानों के अनुसार स्थानिक समय के अनुसार दोपहर के 11 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 15 मिनट के मध्य यह मुहूर्त होता है। इस मुहूर्त में किया गया कार्य शुभ होता है परन्तु बुधवार को अभिजीत मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए।
पुष्य योग
रवि पुष्य योगः रविवार को पुष्य नक्षत्र का संयोग रवि पुष्य योग का निर्माण करता है जो कि अच्छा योग माना जाता है ।
गुरू पुष्य योगः� गुरूवार को पुष्य ..............................................................................................................

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Surya grahan 2016

                                                  सूर्य ग्रहण 9 मार्च २०१६

9 मार्च को सूर्यग्रहण सुबह 4:50 बजे शुरू होकर सुबह 10:05 बजे खत्म होगा।
यह सूर्यग्रहण पूर्व भाद्रपद नक्षत्र और कुंभ राशि पर हो रहा है। इस राशि में जन्मे लोगों के लिए यह अशुभ रहेगा।
ग्रहण का सूतक १२ घंटे पहले ८ मार्च २०१६ को.................................................................
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Sunday, 6 March 2016

bel patra बिल्वपत्र

बिल्ववृक्ष की बिल्वपत्रों से पूजा करने पर सभी पापों से मुक्ति मिल जाती हैं।
●जो बिल्व की जड़ के पास किसी शिव भक्त को घी सहित अन्न या खीर दान देता है,, वह कभी भी धनहीन या दरिद्र नहीं होता।क्योंकि यह श्रीवृक्ष भी पुकारा जाता है। यानी इसमें देवी लक्ष्मी का भी वास होता है।
●शास्त्रों के अनुसार बिल्व का वृक्ष उत्तर-पश्चिम में हो तो यश बढ़ता है, उत्तर दक्षिण में हो तो सुख शांति बढ़ती है और मध्य में हो तो मधुर जीवन बनता है।
●घर में बिल्ववृक्ष लगाने से परिवार के सभी सदस्य कई प्रकार के पापों के प्रभाव से मुक्त हो जाते हैं। इस वृक्ष के प्रभाव से सभी सदस्य ........................................................................
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MAHA SHIVRATRI VISHESH

MAHA SHIVRATRI VISHESH
बिल्ववृक्ष की बिल्वपत्रों से पूजा करने पर सभी पापों से मुक्ति मिल जाती हैं।
●जो बिल्व की जड़ के पास किसी शिव भक्त को घी सहित अन्न या खीर दान देता है,, वह कभी भी धनहीन या दरिद्र नहीं होता।क्योंकि यह श्रीवृक्ष भी पुकारा जाता है। यानी इसमें देवी लक्ष्मी का भी वास होता है।
●शास्त्रों के अनुसार बिल्व का वृक्ष उत्तर-पश्चिम में हो तो यश बढ़ता है, उत्तर दक्षिण में हो तो सुख शांति बढ़ती है और मध्य में हो तो मधुर जीवन बनता है।
●घर में बिल्ववृक्ष लगाने से परिवार के सभी सदस्य कई ........

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Tuesday, 26 January 2016

rashi rudraksh

                                                                                       रुद्राक्ष



रुद्राक्ष एक खास तरह के पेड़ का बीज है। ये पेड़ आमतौर पर पहाड़ी इलाकों में एक खास ऊंचाई पर, खासकर हिमालय और पश्चिमी घाट सहित कुछ और जगहों पर भी पाए जाते हैं। अफसोस की बात यह है लंबे समय से इन पेड़ों की लकड़ियों का इस्तेमाल भारतीय रेल की पटरी बनाने में होने की वजह से, आज देश में बहुत कम रुद्राक्ष के पेड़ बचे हैं। आज ज्यादातर रुद्राक्ष नेपाल, बर्मा, थाईलैंड या इंडोनेशिया से लाए जाते हैं।

रुद्राक्ष की खासियत यह है कि इसमें एक अनोखे तरह का स्पदंन होता है। जो आपके लिए आप की ऊर्जा का एक सुरक्षा कवच बना देता है, जिससे बाहरी ऊर्जाएं आपको परेशान नहीं कर पातीं। इसीलिए .........................

Vastu ke anusar paudha lagana



                                                                                  वास्तुशास्त्र के अनुसार पौधा लगाना




वास्तुशास्त्र के अनुसार छोटे-छोटे पौधों को घर की किस दिशा में लगाया जाए ताकि उन पौधों के गुणों को हम पा सकें, इसकी विवेचना यहां की जा रही है।
घर के चारों कोनों को ऊर्जावान बनाने के लिए गमलों में भारी प्लांट को लगाकर भी रखा जा सकता है। दक्षिण -पश्चिम कोने में अगर कोई भारी प्लांट है तो उस घर के मुखिया को व्यर्थ की चिंताओं से मुक्ति मिलती है।
पलाश, नागकेशकर, अरिष्ट, शमी आदि का पौधा घर के बगीचे में लगाना शुभ होता है। शमी का पौधा ऐसे स्थान पर लगाना चाहिए जो घर से निकलते समय दाहिनी ओर पड़ता हो।
कैक्टस ग्रुप के पौधे जिनमें नुकीले कांटे होते हैं उन्हें घर के अंदर लगाना .......................

saral upay

                                                              भगवान श्री कृष्ण ऐसे नही लगाते थे मोर पंख
                                                                                         
                                                                                  मोर पंख




– नवजात बालक के सिर की तरफ दिन-रात एक मोर का पंख चांदी के ताबीज में डाल कर रखने से बालक डरता नहीं है तथा कोई भी नजर दोष और अला-बला से बचा रहता है.
– बच्चा जिद्दी हो तो इसे छत के पंखे के पंखों पर लगा दे ताकि पंखा चलने पर मोर के पंखो की भी हवा बच्चे को लगे धीरे-धीरे हठ व जिद्द कम होती जायेगी.
– काल-सर्प के दोष को भी दूर करने की इस मोर के पंख में अद्भुत क्षमता है.काल-सर्प वाले व्यक्ति को अपने तकिये के खौल के अंदर ७ मोर के पंख सोमवार रात्री काल में डालें तथा प्रतिदिन..........................................
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SHANI DHAIYA SADHE SATI

                                                                                      शनिदेव ढैया – साढ़ेसाती




शास्त्रों में शनिदेव को शांत करने के लिए दान और पूजन का विधान बताया गया है। अगर किसी जातक की जन्मकुंडली में शनि नीच राशिगत, वक्री, अशुभ स्थान का स्वामी होकर अशुभ ग्रहों के प्रभाव में हो तो शनि अपनी महादशा, अंतर्दशा, साढ़ेसाती या ढैया अवधि, जन्म, शनि पर गोचर या शनि का गोचर होने पर अशुभ फल देता है। जब तक शनि देव की कृपा प्राप्त नहीं होती, संसार में उन्नति के पथ पर बढ़ना सम्भव नहीं है।
वर्त्तमान में मेष व सिंह राशि पर शनि की ढैया चल रही है तथा तुला, वृश्चिक और धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती विद्यमान है अथवा जिस किसी की कुंडली में शनि की महादशा व अंतर्दशा..............................................

sapne

  सपने सच होते हैं---- स्वप्न ज्योतिष के अनुसार नींद में दिखाई देने वाले हर सपने का एक ख़ास संकेत होता है, एक ख़ास फल होता है। यहाँ हम आपको 25...